उदयपुर
की बागोर की हवेली का इतिहास, घूमने का समय, एंट्री फीस, घूमने की जानकारी
यहाँ आकर मुझे बताया गया कि बागोर की हवेली को लगभग 250 साल पहले बनाया गया था। यहाँ पर कई महारानियों का बचपन भी बीता है। इस हवेली में आपको ऐसी कई ऐतिहासिक और पुरानी वस्तुएँ देखने को मिल जाएँगी, जिनका उपयोग पुराने समय में यहाँ के राजा-महाराजा और महारानियाँ किया करती थीं। इन सभी चीजों को देखकर मुझे काफी अच्छा लगा। इस हवेली की अद्भुत नक्काशी और इसमें बना शीश महल देखकर आप भी जरूर आश्चर्यचकित हो जाओगे।
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इस ब्लॉग पोस्ट में मैं आपको बागोर की हवेली घूमने का अपना पर्सनल एक्सपीरियंस बताने वाला हूँ। इसमें मैं आपको बागोर की हवेली घूमने की पूरी जानकारी दूँगा, जैसे यहाँ घूमने का सही समय, प्रवेश शुल्क, यहाँ आस-पास में देखने लायक अच्छी जगहें, हवेली के खुलने और बंद होने का समय और इसके साथ-साथ आप यहाँ कैसे पहुँच सकते हो। अगर आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आती है तो आप इस ब्लॉग को आगे जरूर शेयर करें।
बागोर
की हवेली कैसे पहुँचे – How to
Reach Bagore Ki Haveli Udaipur
1. ट्रेन द्वारा 🚆
आज
के समय में बहुत-सी ऐसी सिटी हैं जहाँ से उदयपुर सिटी के लिए सीधी ट्रेन की सुविधा उपलब्ध है। रेलवे स्टेशन
से बागोर की हवेली की दूरी लगभग 4.3 किलोमीटर
है, इसलिए आप स्टेशन से ऑटो रिक्शा या कार
की मदद से इस हवेली तक आसानी से पहुँच
सकते हो।
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2. बस द्वारा 🚌
अगर
आपकी सिटी से उदयपुर के लिए ट्रेन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो आप बस की सहायता से भी यहाँ आ सकते हो। आपको
बता दें कि बागोर की हवेली से उदयपुर का
बस स्टेशन लगभग 3.2 किलोमीटर दूर है। मैं जैसलमेर में रहता
हूँ, इसलिए मैं जैसलमेर से उदयपुर बस के द्वारा ही गया था।
3. फ्लाइट द्वारा ✈️
उदयपुर में आज के समय में फ्लाइट की भी सुविधा उपलब्ध है। अगर आपके शहर से उदयपुर के लिए फ्लाइट मिलती है, तो आप फ्लाइट के माध्यम से भी यहाँ आ सकते हो। उदयपुर एयरपोर्ट से बागोर की हवेली की दूरी लगभग 24 किलोमीटर है।
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बागोर
की हवेली का इतिहास – History of
Bagore Ki Haveli Udaipur
बागोर की हवेली लगभग 250 साल पुरानी है और इसका निर्माण सन् 1721 में अमर चंद बड़वा द्वारा शाही परिवारों के रहने के लिए करवाया गया था। 1947 तक यह हवेली यहाँ के राजाओं और महाराजाओं के अधीन रही, लेकिन देश आज़ाद होने के बाद 1958 में सरकार ने यह हवेली भारतीय Ministry of Culture को सौंप दी। इसके बाद इसे रिनोवेट करके एक टूरिस्ट स्पॉट और हेरिटेज म्यूजियम बना दिया गया।
वर्तमान समय में इस पूरी हवेली में लगभग 138 कमरे हैं। हालाँकि मैंने सभी कमरे नहीं गिने, क्योंकि मेरे पास उतना समय नहीं था। इनमें से लगभग 90 कमरों में अभी भी Ministry of Culture के ऑफिस बने हुए हैं और बाकी बचे हुए कमरों को रिनोवेट करके टूरिस्ट स्पॉट के रूप में खोल दिया गया है।
बागोर की हवेली
कल्चरल डांस शो, टाइमिंग और टिकट –Bagore Ki Haveli
Cultural Dance Show and Timings, Tickets
म्यूजियम के बाहर ही आपको एक चौकी दिखाई देगी। इसी चौकी में टूरिस्टों के लिए हर रात एक राजस्थानी कल्चर शो आयोजित किया जाता है, जिसे Ministry of Culture द्वारा आयोजित करवाया जाता है। इस शो में स्थानीय कलाकार राजस्थान के लोकगीतों पर डांस करते हैं और लोकल सिंगर राजस्थानी गाने गाकर यहाँ आने वाले पर्यटकों का मनोरंजन करते हैं।
1. Cultural Dance Show Timings
यह शो पर्यटन सीज़न में हर दिन आयोजित होता है। अगर आप Bagore Ki Haveli घूमने आए हैं और इस शो को देखना चाहते हैं, तो आपको बता दें कि यह शो शाम 7:00 बजे से 8:00 बजे तक चलता है। मैंने यह शो यहाँ पर लगी टेबल पर बैठकर देखा था।
2. Bagore Ki Haveli Cultural Dance Show
Tickets
इस हवेली में होने वाले कल्चरल डांस शो को देखने के लिए टिकट लेनी होती है। आप यह टिकट इसकी ऑफिशियल वेबसाइट dharoharfolkdance.org/booking/ से बुक कर सकते हो।
· पुरुष और महिलाओं के लिए – ₹125
· बच्चों (5 से 10 वर्ष)
के लिए – ₹75
· कैमरे के साथ – ₹125
यह जानकारी इनकी ऑफिशियल वेबसाइट (dharoharfolkdance.org/booking) से ली गई है। हमारे पास अपना पर्सनल कैमरा था, इसलिए हमें इसके लिए ₹125 अलग से देने पड़े थे।
बागोर
की हवेली संग्रहालय में देखने लायक चीजें – Things
to See in Bagore Ki Haveli Museum
वैसे तो बागोर की हवेली एक बहुत बड़ी हवेली मानी जाती है, जिसमें देखने के लिए कई म्यूजियम और पुरानी वस्तुएँ मौजूद हैं। सबसे पहले बात करते हैं इसमें बने म्यूजियम की।
बागोर की हवेली के म्यूजियम में एंटर करते ही आपको सबसे पहले गणेश जी का मंदिर दिखाई देगा, जो लगभग 250 साल पुराना है। आज भी यहाँ उसी तरह पूजा की जाती है, जैसे पुराने समय में की जाती थी।
यहाँ आपको एक विशेष पेंटिंग भी देखने को मिलेगी, जिसे दीवार पर प्राकृतिक और कार्बनिक रंगों से लगभग 200 साल पहले बनाया गया था। इस पेंटिंग में हिंदू धर्म के देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ बनी हुई हैं।
इसी म्यूजियम में आपको मेवाड़ के ईश्वर देवता की पेंटिंग भी देखने को मिलेगी, जिनकी पूजा पुराने समय में यहाँ के राजा किया करते थे। हालाँकि इनका मुख्य मंदिर उदयपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है।
जो एरिया आप यहाँ तस्वीरों में देख रहे हो, वह पुराने समय में एक रिसेप्शन एरिया हुआ करता था। जब भी कोई रानी यहाँ आती थी, तो उनकी सहेलियाँ यहीं बैठकर उनका इंतजार किया करती थीं।
इस म्यूजियम में आप पुराने समय में राजा-रानियों को हवा देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पंखे भी देख सकते हो। ये पंखे कपड़े से बनाए जाते थे और उस समय बिजली न होने के कारण धागे की सहायता से इन्हें चलाया जाता था।
पुराने समय में यहाँ की रानियाँ भी मेकअप किया करती थीं। उस समय के मेकअप किट को आज भी इस हवेली के म्यूजियम में सुरक्षित रखा गया है। इसमें वे सभी प्रकार के सामान शामिल हैं, जिनका उपयोग आज के समय में भी महिलाएँ मेकअप के लिए करती हैं।
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बागोर
की हवेली खुलने और बंद होने का समय और घूमने का सही समय – Bagore Ki Haveli Opening and Closing Times, and
Best Time to Visit
1. घूमने का सही समय
किसी
भी जगह घूमने के लिए मौसम का सही होना बहुत ज़रूरी होता है। राजस्थान में कुछ महीनों के दौरान अत्यधिक
गर्मी पड़ती है, इसलिए बागोर की हवेली घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर से जनवरी के बीच माना
जाता है।
2. खुलने और बंद होने का समय
· बागोर की हवेली खुलने का समय – सुबह 9 बजे
· बागोर की हवेली बंद होने का समय – शाम 7 बजे
निष्कर्ष
उदयपुर एक विश्व-प्रसिद्ध सिटी है, जहाँ कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो न केवल राजस्थान बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। इन्हीं
पर्यटन स्थलों में बागोर की
हवेली भी शामिल है। अगर आप उदयपुर घूमने का प्लान बना रहे हो, तो आपको एक बार यहाँ जरूर आना चाहिए। यहाँ आपको पुराने समय के मंदिर, रीति-रिवाज़ और ऐतिहासिक चीजें देखने को मिलेंगी।
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